बगीचे में नरम घास पर चादर बिछाके मामी की गरम चूत को चोदा

धूप में बगीचे में नरम घास पर चादर बिछाके मामी की गरम चूत को चोदा

दोस्तों, मेरा नाम रिशभ है। आपको अपनी मुहब्बत की कहानी सुना रहा हूँ।  मेरे घर वालों का मामा और मामी से बड़ा मधुर रिश्ता था। मैं अक्सर अपनी मामी के घर गाज़ियाबाद जाया करता था। मेरे मामा का एक बड़ा बिज़नेस था। बियरिंग बनाने का कारखाना था। मेरे मामा श्री लोकेश प्रसाद ने इसमें खूब पैसा बनाया था। बड़ा सा बंगला बना लिया था। कार पार्किंग, और एक बड़ा सा खूबसूरत बगीचा भी बना लिया था।

मामी के 2 बच्चे थे जो स्कूल जाते थे शाम 4 बजे आते थे। मैं अक्सर छुट्टियों में मामा मामी के घर जाया करता था। मेरी मामी का नाम राधा था। देखने में बड़ी खूबसूरत थी। गजब का माल थी कि अगर एक चक्कर देख लो तो अंगड़ाई आ जाए। राधा मामी मूझसे हमेशा मजाक करती थी।
एक बार बीबी मिल जाएगी तो कमरे में घुस जाओगे तो निकलोगे ही नही!  राधा मामी बार बार ये मजाक करती थी और कहती थी। मैं सोचता था कास मामी पट जाती तो इनको ही चोद लेता। जब जब छुट्टियों में मैं मामा के घर जाता था, मामी को देखकर मेरा लंड तन जाता था।

ऐसे ही एकबार दशहरे की छुट्टियां हुई और मैं 1 हफ्ते के लिये मामा के घर गाज़ियाबाद चला गया। मामा तो अपने फैक्ट्री के काम में इतना बीसी रहते की मुझसे बात करने का टाइम ही नही मिलता था। सुबह 9 बजे फैक्ट्री जाते तो रात 11, 12 बजे आते थे। मामा के बच्चे सुबह स्कुल जाते थे तो शाम 4 बजे घर लौटते थे। घर पर मैं और मामी 2 लोग ही बचते थे। टाइम नही कटता था। इसलिए मैं मामी के साथ बगीचे में चला जाता था।

कभी कभी मामी नरम घास पर चादर बिछाकर लेट जाती थी और धूप सेकती थी। वो अपने गोरे गोरे पैरों में तेल भी लगाती थी। ऐसे ही एक दिन मामी गुलाबी मैक्सी पहनकर चादर बिछाकर लेती हुई थी। उनका पैरों में तेल लगवाने का बड़ा मन था।
मामी ! लाओ मैं तेल लगा दूँ!  मैंने राधा मामी से कहा
अरे! रहने तो रिशभ! मैं बाद में लगा लूँगी!  राधा मामी बोली
मैंने तेल की शिशि से तेल निकाला और मामी के गोरे पैरों में लगाने लगा।

हाय! क्या चिकने चिकने पैर थे। मूझे तेल लगाने में बड़ा मजा आ रहा था। राम जाने मुझे क्या हुआ मैं और ऊपर बढ़ने लगा। राधा मामी की नरम गोरी गोरी टांगों पर मैं उनकी जांघ के पास तेल लगाने लगा। सायद मैं कहीं ना कहीं मामी पर फ़िदा था, आसक्त था, सायद मैं मामी को चोदना चाहता था। जावान 27 वर्षीय मामी मेरा इरादा भाँप गयी। मेरे हाथों को छुड़ाती हुई बोली  रहने दो रिशभ !
क्या हुआ मामी!! क्या मालिश पसंद नही आयी!  मैंने कहा और थोड़ा ऊपर तक झांघ से होते हुए उसकी चूत तक हाथ फेर दिया। राधा मामी क्रोधित हो गयी।
रिशभ! ये क्या बदतमीजी है!! कोई जरूरत नही है मालिश की!  मामी बोली और अंदर बंगले में चली गयी। मैं डर गया कि कहीं रात को मामा से शिकायत ना कर दे।

मैं घबरा गया और उसी चादर पर लेट गया जहाँ मामी लेटी थी। मामी अंदर चली गयी। कुछ देर बाद मैंने बंगले की ओर देखा। मामी खिड़की पर खड़ी थी। उनकी नजरे बस मूझे घूर रही थी। मैं थोड़ा डर गया। फिर मामी ने बन्द खिड़की के पारदर्शी कांचों से मूझे अंदर आने का इशारा किया। मैं कुछ समझ नही पाया। अंदर डरते डरते गया। मामी पता नही किस धुन , किस मूड में थी।
रिशभ! मुझे चोदेंगा???  सीधे सीधे राधा मामी ने सवाल दाग दिया।
नआआआआ! हॉआआआआ मैं हकलाने लगा। समज नही आ रहा था क्या कहूँ।
चल चोद!  मामी बोली

मेरे तो कुछ समझ नही आ रहा था।
आप मामा से तो नही कहोगी?? मैंने डरते डरते पूछा
अरे! नही पगले! मैं किसी से नही कहूँगी!  राधा मामी बोली
दोंस्तों, मेरी तो बांछे खिल गयी। जिस मामी को देख देखकर मुठ मरता था आज उसकी चूत मिलेगी। मैं खुशि से उछल पड़ा।
मामी मैं तुमको जरूर चोदूंगा पर बगीचे में घास पर! मैंने कहा।
तो फिर चल! राधा मामी बोली।

दोंस्तों, हम दोनों फिर बगीचे में आये। चारों ओर 15 15  फुट ऊँची दिवार थी। इसलिए हम लोगो की चुदाई होते कोई नही देख सकता था। मैंने तेल लगाने से सुरुवात की। ढेर सारा तेल लिया मामी की टांगों, गोरी गोरी भरी भरी जंघों पर लगाने लगा। गैर मर्द के स्पर्श से मामी मस्त चुदासी होने लगी। जिस औरत को मैं सपने में देखता था आज उसने ही मुझे अपनी रसीली चूत ऑफर कर दी थी। मैंने मामी की गुलाबी रेशमी मैक्सी ऊपर उठा दी। । उनकी लाल चड्डी निकाल दी। बुर के दर्शन हुए तो मैं मालिश का जड़ी बूटी वाला तेल लगाने लगा।

क्या मस्त गदरायी हुई चूत थी यारो। एकदम नयी लौण्डिया की चूत लग रही थी। सायद कल ही मामी से झाँटे साफ की थी। मैं एक बार फिर थकान दूर करने वाला तेल अपने हाथ पर गिराया और ढेर सारा मामी की चूत पर चुपड़ दिया। गोल गोल हाथ फिराके मैं मामी की चूत की मालिश करने लगा। मामी मस्त होने लगी। मैं चूत में ऊँगली दे देकर मालिश करने लगा। ठंड के मौसम में इस गुनगुनी धूप में बगीचे की नैसर्गिक सौंदर्य में अपनी जवान मामी को चोदना एक खास और दिव्य अनुभव था।

बीच बीच में मैं मामी की चूत को चूम लेता था, उसमे ऊँगली भी कर देता था। मामी मस्त होने लगी। कोई 12 बजे का समय था। किसी ने कहा है कि भोजन और चोदन दोनों एकांत में करना चाहिए। भोजन तो एकांत में हो गया था, अब गुनगुनी धूप में मैं मामी के साथ चोदन भी एकांत में करने वाला था। मैंने अपनी जान से प्यारी राधा मामी को पलटा और पेट के बल लिटा दिया। मामी के भरे गढ़ीला थोड़े थोड़े काले चुत्तड़ दिखने लगे। मैंने उन पर भी तेल चुपड़ दिया। और पूट्ठों को मलने लगा।

बीच बीच में मैं मामी की गांड में भी तेल लगा देता था। गांड से होते हुए चूत तक के सकरे रस्ते पर भी मालिश कर देता था। मामी मस्त होने लगी। मैं उसकी गाण्ड में ऊगली भी कर देता था। मैं मैक्सी और ऊपर कर दी। उनकी नँगी चिकनी पीठ पर मालिश करने लगा। फिर आखिर मुझे उनकी मैक्सी उतारनी पड़ी। उनको बैठाया। उन्होंने हाथ ऊपर किया, मैंने मैक्सी उतार दी। मामी ने आज ब्रा नही पहनी थी। 38 साइज़ के एक्स्ट्रा लार्ज मम्मे मेरे सामने खुल गए। मैंने लपककर मम्मो को मुँह में झपट लिया जैसे लोमड़ी झपटकर खरगोश को पकड़ लेती है।

राधा मामी को लेटा दिया। और उनके विशाल मम्मे पिने लगा। मामी मस्त, गरम, और चुदासी होने लगी। उधर उनकी चुत में अंगुल भी करने लगा।
रिशभ! अब देर मत कर! अब मुझे जल्दी से चोद ना  मामी बोली
बस मामी एक सेकंड!  मैं बोला।
बगीचे में गुनगुनी धूप में मौसम बड़ा सुवाहना हो रहा था। ऐसे में मेरी गोरी चिट्टी मामी नँगी होकर चुदवाने का वेट कर रही थी। कोयल, बुलबुल इतयादि चिड़िया मीठा गीत गा रही थी। ऐसे मनभावक मौसम भी मुझे मामी की चूत मिलने वाली थी।

मैंने अब मालिश बन्द कर दी। अपने सारे कपड़े उतारे और थोड़ा मालिश तेल अपने लण्ड पर मल लिया। अपने लण्ड पर मैंने थोड़ी मालिश की। मेरा लण्ड तन्ना गया। मामी के दोनों चिकने नंगे गोरे पैरों को मैंने पाकिस्तान के झंडे की तरह ऊपर उठा दिया और अपने बड़े से 10 इंची लण्ड को हिंदुस्तान के झंडे की तरह मामी की गर्म चूत में पाकिस्तान की जमीन समझ गाड़ दिया और चोदने लगा। सायद पशु पक्षी चिड़ियाँ सब हम दोनों को चुदाई करते देख रहे थे।

बगीचे में एक आर्टिफीसियल फव्वारा भी था जो चल रहा था। मामी जब मुझसे चूदने लगी तो फव्वारा देखने लगी। पता नही क्यों मुझसे नजरे नही मिला रही थी। मैंने कहा कोई नही, मैं उनकी चूत फाड़ने में मगन हो गया। हालाँकि 2 बच्चे होने से चूत फट चुकी थी। पर फिर भी ठीक ठाक कामचलाऊ थी, मैं मस्ती से चोदने लगा। कितनी बड़ी बात थी, अगर मैं मालिश करते वक़्त उनकी चूत में हाथ ना फिरता तो मामी कभी मेरे दिल की बात ना समझ पाती। आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे ये कहानी पढ़ रहे है.
मैंने जो किया अच्छा ही किया।

उधर पानी का फव्वारा चल रहा था इधर मेरा फव्वारा चल रहा था। मैं मामी का पेट, कमर, पेड़ू, चूत के उठे हुए लब सब बारी बारी से सहला रहा था। बच्चे होने से मामी के पेट में स्ट्रेच मार्क्स पड़ गए थे। कबसे तम्मन्ना थी की किसी स्ट्रेच मार्क्स वाली औरत को चोदूँ खाऊं पियूँ। ये ख्वाहिश भी पूरी हो गयी। चोदते चोदते मैं मामी के मम्मे मीजता जाता था। मामी के गर्मागर्म चोदन कार्यक्रम के लिये मैंने सफ़ेद चादर जिसमे नीले चेक बने थे बिछा रखी थी। नरम नरम घास बड़ा सपोर्ट कर रही थी, मामी की चुदाई और ठुकाई में।

इतनी देर से मैं उनके दोनों पैरों को उठा उनको ले रहा था, अब मैंने दोनों पैर हेलीकॉटर के पंखों की तरह फैला दिए और चोदने लगा। मामी का भोसड़ा मामा से चुदवा चुद्वाकर खूब बड़ा हो गया था, फ़ैल गया था। जब मामी की मामा से शादी हुई थी तो वो पेट से थी। उनके गर्भ में 2 महीने का बच्चा था। ये नाजायज बच्चा उनके पुराने आशिक़ का था जिससे मेरी खूबसूरत मामी 12वी से चुदवा रही थी। उनका पुराना आशिक़ उनको 12वी से एम ए तक चोदता रहा और वो चुदवाती रही।

फिर मामा से शादी पक्की हो गयी। मामी से मामा को एक कमरे में बुलाकर सब बता दिया। पर मामा उनके रूप पर फ़िदा हो गए और उनके पेट में बच्चा होने पर भी शादी कर ली। बाद में बच्चा गिरवा दिया। किसी को इस बात की कानों कान खबर नही हुई। अब मामा दिन रात कमरे में घुसे रहते और मामी को चोदते रहते। आज मामी तीसरे मर्द का लण्ड खा रही थी, और मुझसे चुदवा रही थी।

मैंने जोर जोर से धक्के मारना शूरु कर दिया। मामी कमर उठाने लगी। उनकी चूत में तूफान उठ गया। मैंने उनको कसके पकड़ लिया था कि चाह कर भी वो भाग सा सके और उनको जानवरों की तरह कूटने लगा।
मामी! तू बड़ी कड़क मॉल है! अब जब जब मैं गाज़ियाबाद आऊंगा तुझे बजाऊंगा!! मैंने चोदते चोदते उत्तेजना में कहा
ओके, चोद लेना  मामी बोली
मैं ये सुनकर और कामुक हो गया और जोर जोर से धक्के मारने लगा। काफी देर बाद मैं झड़ गया।
रिशभ बाहर ही छोड़ देना!  राधा मामी बोली
मैंने लण्ड बाहर निकाला और पिच्च पिच्च की पिचकरी के साथ पानी छोड़ दिया। मामी के पेट, चुच्चों , मुँह पर पानी जाकर गिरा। जो मुँह पर ओंठों के पास गिरा उसे मामी चाटने लगी।

मैं बगल में मामी के बगल लेट गया और आराम करने लगा। सांस लेंने लगा। मामी अपनी मैक्सी से मेरा पानी पोछने लगी। इस रतिक्रीड़ा में 2 घण्टे गुजरे। अभी 2 बजे थे।
मामी कैसी लगी मेरी मालिश??  मैंने पूछा
बहुत पसंद आयी!  राधा मामी बोली
मैंने उनको सीने से चिपका लिया और उनकी बैंगनी लिपस्टिक वाले ओंठों को पिने लगा। उफ्फ्फ्फ! मामी की सांसो की सुगंध बहुत भीनी भीनी थी। मैं तो बहक गया। मैं उनके जलते हुए ओंठों पर ताबड़तोड़ गरम चुम्बन देने लगा। सच में दोंस्तों, एक विवाहित शादी शुदा औरत को  चोदने का सुख ही अलग है मैंने मुहसुस किया। जिस औरत को किसी ने पहले ही खूब चखा हो उसको चखने का सुख अलग ही होता है। मैंने जाना।

फिर मैं मामी के पेट पर बैठ गया। अपने खीरे जैसे बड़े से लण्ड को मैंने मामी के विशाल धूध के बीच में हॉटडॉग की तरह दबाया और छतियों को दोनों हाथों से कस कर पकड़ लिया जिससे लण्ड पर मजबूत पकड़ बने। और मैं मामी की छतियों को चोदने लगा। उफ्फ्फ! आअह्ह्ह्ह आहा! मामी कराहने लगी। मुझे और मजा आने लगा। मैं और कसके चुच्चे चोदने लगा।

उसके बाद मैंने मामी की गाण्ड भी मारी। उस दिन से मैं जब जब अपने मामा के घर जाता हूँ मामी को उसी बगीचे में घास पर चादर बिछाकर लेता हुँ।


Online porn video at mobile phone


15साल के भतिजे ने चाची का टाँग उठा के चोदाMuhbole bhai ne behen ke sati jabasdasti kiya sex story in hindiमाँ की चुदाई की कहानी देसी माँ सेक्स स्टोरीमाँ सों टट्टी सेक्स कहानीxxxdehati bhan and kutaa ke sath khanimaa beta rajai me hindi sexy khaniaनानी दादी मां इडीयन सेकस इसटोरी डोट कोमhandi ma ko choda bata na jabar jasteआपनी.सागी.मॉ.बहन.की.सेकशी.कहानी.doodh pike kiya lesbine sex story in Hindibhai ke dosto ne jabrjasti chod kar randi banya hinde sex storeदीदी ने हमे पटाया xxx कहानीMaason hotsexstoryबहीन को गलती से फेशबुक मे पटाकर चोदाmastarm chuddai stroryनगाँ चूदाईदेसी सेक्ष्य गन्दी कहानिया एंड पिछकितनी देर तक बुर पेलने पर बूर का पानीगिरता हैxxx sisters sexy jisham bur opnSir ki vidai me meri chud chudai sex storyMaa or didi ka bra panty sexy sytoriदोस्त के मम्मी के गान्ड का दर्दकुत्ते ने चौदा भाभी कोबहन की चुदाई माँ बनने की कहानीछोटी सीस क्सक्सक्स जबरदस्ती स्टोरीसेकसि नौकरानी छोटि कि चुदाईपडोस वालि मामि को चोदाजीजा से चूदती रही बहूत मजा आयाबहान की उपर के रूम मे चुडाईBhan ne bhai gad me pelo xxxमाँ पुत्र वासना अन्तरवासनासैकसी कहानियाHindi anterwasna story bhai ne pati ke samne chodke ke maa banayaMaa ki train me jaberdast chudhai ki kahaoimadhar chod pura ganda kar deya hato yaha sa xxx chudai dese bhabi keहिंदी सेक्सी वीडियो ग्रुप दो लंड से चुदवाती हुई चिल्ला चिल्ला चुदाई इंडिया वासKolkota mom son new sex storysadi suda didi ko jija ke samne muta muta ke bur choda hindi storydesi maami ke jhaath saaph kiya ke sexy videoभाई ने अपने बहन को 9 ईच लंद सील कैसे तोड. कहानीbahen ki maang me sindoor bhara chudai kahaniमा बेटा भाई बहन ओपेन सेकसी बिडीओसास और साली की बडी गांड का मजा सेक्स स्टोरीआतर वाशना की कहानी दिदी ने भाई से चुदवाईभाई ने बहन को जबरदस्ती चोद कहनीsethani ko soda storyमेरी माँ को मेरेसामने चोदा Sex storysexy kahani bahen nanvegएक्स बंगाली लड़की अपने घर में क्लास टीचर के साथLundjokesदीदी को चुदबाते पकडासेक्स वीडियो मां ने बेटे का ल** चूसा पी बर्थडे टू यूदीदी को चोदा पेट से थी जब मशाज कर नँगाxxx नौकरानी का दुध पीने की कहानीwww.comxxxindanvideoसेकसी 14 बहन भाई 14 कहानयाँAndhe bikari ke sex kahaniuaDidiseal todi Hot sexy story in hindiपडोस ने देखा चुदाइAUNTY KI CHUDAI KI STORYGLIभाई ने बुआ की छोरी को चोदा बंद कमरे मेंघर का माल सेकसी कहानी होली कीन्यु हिन्दी माँ बेटा सेक्स स्टोरी.comwww.comxxxindanvideoबहन के बदन का मजा लिया चोदकर कहानीमाआ बाप सकसSis bro porn kahaniya hindi khait.meमाँ वाइफ सों वाइल्ड सेक्स कहानीjija sex kahni dotkom hin14sal bate se ma sexy kahaniभोले बेटी से जबर्दस्ती चुदाई की हिंदी सेक्स स्टोरीपुद गाड थानाशहर की मस्त मस्त लड़की चुदवाते हुएमेरे लन्ड की सील मम्मी तोडी तेल लगा के मालीशचुदक्कड़ बुरचोद सहेलियाँChut ki kahani mekhla didi ki kahaniलडकीको Pregnet करने कातरिकामा को पापा के बाद अपनी रडी बनाया